रमाशंकर राजभर ने Ceasefire पर सरकार को घेरा |

उत्तर प्रदेश की सलेमपुर संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि जवान की सीमा सुरक्षित हो,किसान का खेत सुरक्षित हो और गरीब का पेट सुरक्षित हो, ये हमारी नीति होनी चाहिए. रक्षा मंत्री ने इसी सदन में सौ आतंकियों को मारने की बात कही, इसका स्वागत है. उनमें वह चार आतंकी जो पहलगाम में शामिल थे, उनका नाम नहीं आया. घटना 22 अप्रैल को हुई, ऑपरेशन सिंदूर 17 दिन बाद हुआ. होगी कोई परिस्थिति. आतंकियों ने जिस तरह की घटना की, उस पर सरकार के जो पक्ष आए. मुलायम सिंह ने दुनिया के सामने समर्पण करने की बात कभी नहीं की. देश का मन क्या था, वह तीसरे दिन ऑपरेशन तंदूर चलाने का था. 17 दिन बाद हुआ हमला, तीन दिन में बंद हुआ. हमारे देश के प्रधानमंत्री विश्वगुरु हों, किस भारतीय को घमंड नहीं होगा. हम जिसे विश्वगुरु समझ रहे थे, पता चला कि विश्वगुरु तो व्हाइट हाउस में बैठा है…

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आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं।मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है।जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया।क्या मोदीजी अब सुनेंगे? या उन पर किसी “grip” की पकड़ बहुत मज़बूत है? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूँ।

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